बेटी के लिए बाप दुनिया की सबसे बड़ी हिम्मत और घमंड होता है : प्रवेश श्रीवास्तव

      🙏🌹बाप बेटी🌹🙏


बेटी की विदाई के वक्त


बाप सबसे आखरी में रोता है


बाकी सब भावुकता में रोते है


पर


बाप उस बेटी के बचपन से


विदाई तक के पल याद


कर-कर के रोता है


 


"माँ-बेटी" के रिश्तों पर तो


बात होती ही है


पर


"बाप-बेटी" का रिश्ता भी


समुद्र से गहरा है


 


हर बाप बेटे को गाली देता है


धमकाता है मारता है


पर


वही बाप अपनी बेटी की


हर गलती


नकली दादागिरी से


नजर अंदाज कर देता है


 


बेटे ने कुछ मांगा तो


एक बार डाँट देता है 


पर


बेटी ने धीरे से भी


कुछ मांगा


तो


बाप सुन लेता है


और


जेब मे हो न हो बेटी की इच्छा


पूरी कर देता है


 


दुनिया


उस बाप का सबकुछ लूट ले


तो भी


वो हार नही मानता


पर


अपनी बेटी के "आंख के आंसू"


देख कर खुद


अंदर ही अंदर बिखर जाए


उसे बाप कहते है


 


और


बेटी भी जब घर मे रहती है


तो


उसे हर बात मे


बाप का घमंड होता है 


किसी ने कुछ कहा


कि


तपाक से बोलती है


पापा को आने दे


फिर बताती हूँ


 


बेटी घर मे रहती


तो


माँ के आँचल मे है


पर


बेटी की हिम्मत


उसका बाप रहता है


 


बेटी की जब शादी मे


विदाई होती है


तब


वो सबसे मिलकर रोती


तो है


पर


जैसे ही बिदाई के वक्त


बाप को देखती है


जाकर झूम जाती है


लिपट जाती है


ऐसा कस के पकड़ती है


बाप को


जैसे माँ अपने बेटे को


क्योकि


उस बेटी को पता है


ये बाप ही है जिसके दम पर


मैने हर जिद पूरी की थी


 


खैर


बाप खुद रोता भी है


और


बेटी की पीठ ठोक कर


फिर हिम्मत भी देता है


कि


बेटा चार दिन बाद


आ जाऊँगा लेने 


और


खुद जान-बूझकर


निकल जाता है


एक साइड मे 


किसी कोने मे 


और


उस कोने मे जाकर


कितना फुट-फुट रोता है


 


यह बात


सिर्फ बेटी का बाप ही


समझ सकता है


 


जब तक बाप जिन्दा रहता है


बेटी मायके मे हक़ से आती है


और


घर मे भी जिद कर लेती है


और


कोई कुछ कहे तो


डाँट के बोल देती है


कि


मेरे बाप का घर है


पर


जैसे ही बाप मर जाता है


और बेटी आती है


वो इतनी चित्कार के रोती है


कि


सारे रिश्तेदार समझ जाते है


कि


बेटी आ गयी है


वो बेटी उस दिन हिम्मत हार जाती है


क्योकि


उस दिन उसका बाप नही


हिम्मत मर जाती है


 


बाप की मौत के बाद


बेटी कभी अपने भाई के घर


जिद नही करती


जो मिला खा लिया


जो दिया पहन लिया


क्योकी


उसका बाप था


तब तक सब कुछ उसका था


वो जानती है


 


आगे लिखने की


हिम्मत नही है


 


बस इतना कहता हूँ


"बाप के लिए बेटी"


उसकी "जिंदगी" होती है


पर


वो कभी बोलता नही


और


बेटी के लिए बाप


दुनिया की सबसे बड़ी हिम्मत


और घमंड होता है


पर


बेटी भी कभी बोलती नही


"बाप बेटी का प्रेम"


"समुद्र से भी गहरा है"


संकलनकर्ता : प्रवेश श्रीवास्तव :


🌹8269953333🌹✍